IDFC फर्स्ट बैंक ने बचत खातों पर 7 फीसदी का ब्याज देकर चौंकाया

निजी क्षेत्र के IDFC फर्स्ट बैंक ने बचत खातों पर 1 लाख रुपये से कम की जमा में भी 7 फीसदी का ब्याज देकर चौंका दिया है. यही नहीं, उसने अपने प्रतिद्वंद्वी बैंकों को कड़ी प्रतिस्पर्धा भी दे दी है. 

यह बढ़त बैंक ने 1 जनवरी 2021 से ही लागू कर दी है. इसके पहले बैंक एक लाख से कम रकम पर 6 फीसदी तक का ब्याज दे रहा था. गौरतलब है कि ज्यादातर बैंक बचत खातों पर 3 से 4 फीसदी का ब्याज देते हैं. 

यह ब्याज 1 करोड़ तक के जमा पर है. बैंक इसके बाद 1 करोड़ से 5 करोड़ रुपये तक की जमा पर 5 फीसदी, 5 से 10 करोड़ तक के जमा पर 4 फीसदी और 10 करोड़ रुपये से ऊपर के जमा पर 3.50 फीसदी का ब्याज दे रहा है. 

गौरतलब है कि देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक में जमा पर ब्याज महज 2.70 फीसदी है. इसी तरह निजी क्षेत्र के एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक में बचत खाते पर ब्याज दर 3 से 3.5 फीसदी है. 

शायद ऊंचे ब्याज दर की वजह से ही दिसंबर 2020 में खत्म तिमाही में IDFC फर्स्ट बैंक के ग्राहक जमा रकम में 41 फीसदी की जबरदस्त बढ़त हुई है और यह 77,289 करोड़ रुपये तक पहुंच गया. 31 दिसंबर, 2019 को बैंक की ग्राहक जमा 54,631 करोड़ रुपये थी.

इस दौरान बैंक के CASA एकाउंट चालू खाता बचत खाता में 44.6 फीसदी की बढ़त हुई है, जबकि 31 दिसंबर, 2019 की तिमाही में इसमें 20.9 फीसदी की बढ़त हुई थी. 

दिसंबर 2020 में IDFC फर्स्ट बैंक के क्रेडिट यानी कर्ज वितरण में 0.7 फीसदी की मामूली बढ़त हुई और यह बढ़कर 1,10,499 करोड़ रुपये तक पहुंच गया. दिसंबर 2019 में बैंक का लोन खाता 1,09,698 करोड़ रुपये का था. तिमाही दर तिमाही यानी सितंबर तिमाही की तुलना में देखें तो बैंक के लोन खाते में करीब 3 फीसदी की बढ़त हुई है. 

इसी तरह बैंक का रिटेल फंडेड एसेट दिसंबर तिमाही में बढ़कर 66,635 करोड़ रुपये पहुंच गया, दिसंबर 2019 की तुलना में इसमें 24.1 फीसदी की बढ़त हुई है. 

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