केंद्र सरकार गोवध के खिलाफ कानून कब लाएगी : महाराष्ट्र के CM उद्धव ठाकरे

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। महाराष्ट्र सरकार की पहली सालगिरह के मौके पर उद्धव ठाकरे ने शिवसेना के मुखपत्र सामना को एक इंटरव्यू दिया और उसमें कई मुद्दों पर खुलकर बातचीत की। संजय राउत को दिए इंटरव्यू में उद्धव ठाकरे ने सुशांत सिंह से लेकर लव जिहाद जैसे मुद्दों के बारे में बात की और भाजपा पर जमकर हमला बोला।

भाजपा पर केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि मैं शांत हूं लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि मैं नपुंसक हूं। उन्होंने कहा कि परिवार पर हमले करना हमारी संस्कृति नहीं है। अगर वे हमारे परिवारों और बच्चों पर हमले कर रहे हैं तो उन्हें याद रखना चाहिए कि उनके भी परिवार और बच्चे हैं।

उन्होंने आगे कहा कि अगर वो लोग हावी होंगे तो हाथ धोकर पीछे पड़ जाएंगे। जब लव जिहाद के मुद्दे पर उनसे सवाल किया गया तो सीएम ठाकरे ने कहा कि केंद्र सरकार कहेगी तो हम इस पर कानून बना लेंगे लेकिन पहले केंद्र सरकार ये बताए कि कश्मीर से कन्याकुमारी तक गोवध के खिलाफ कानून कब आएगा। 

सीएम ठाकरे ने कहा कि बीजेपी उन्हीं राज्यों में ऐसे मुद्दों को उठाती है, जहां चुनाव होने होते हैं और अगर लोग वोट देते हैं तो वे कानून बना देते हैं। हिंदुत्व को अपनी राजनीति के लिए इस्तेमाल न करें, हम कभी ऐसे सहूलियत के हिंदुत्व में शामिल नहीं रहे।

भाजपा पर हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री ठाकरे ने कहा कि राजनीति में ही लव जिहाद का कॉन्सेप्ट लागू क्यों नहीं होना चाहिए। वे हिंदू लड़की से मुस्लिम लड़के की शादी का विरोध करते हैं तो आपने महबूबा मुफ्ती के साथ गठबंधन क्यों किया? अलग-अलग राजनीतिक विचारधारा वाली पार्टियों के साथ भाजपा ने गठबंधन किया है क्या यह लव जिहाद नहीं है?

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से पूछा गया कि उनका हिंदूत्व बदल गया है तो इस सवाल पर उन्होंने जवाब दिया कि हिंदुत्व कोई धोती नहीं जो बदल ली जाए, यह हमारे खून और नसों में है। मैं अपने पिता और दादा के हिंदुत्व में यकीन करता हूं। उन्होंने कहा कि बाल ठाकरे कहते थे कि मुझे मंदिर में घंटा बजाने वाला हिंदू नहीं चाहिए बल्कि आतंकवादियों को मार गिराने वाला हिंदू चाहिए।

सुशांत की आत्महत्या मामले की सीबीआई जांच को लेकर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि जिन्हें लाश पर रखे मक्खन को बेचने की जरूरत होती है, वो राजनीति के लायक नहीं है। दुर्भाग्य से एक युवा की जान चली गई और उस पर आप राजनीति करते हो?

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